दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के बाहर 2 नवंबर को पुलिस और वकीलों के बीच हिंसक झड़प का मुद्दा मंगलवार को और भी गरमा गया है। सुबह से ही दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर सैकड़ों की संख्या में जवान जुट गए। पुलिस कमिश्नर की ओर से जवानों से प्रदर्शन वापस लेने की मांग की गई है, लेकिन जवान हैं कि वापस हटने का नाम नहीं ले रहे हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट ने बार काउंसिल और दिल्ली बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया है. इस मामले में कल फिर सुनवाई होगी. केंद्र ने आरोपी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

एसीपी देवेश श्रीवास्तव ने कहा कि शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी. शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ही उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. आप प्रदर्शन खत्म करें. घायल पुलिसवालों का बेहतर इलाज कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि जब हम नौकरी में आते हैं तो हमें अनुशासन का ध्यान रखने की सीख दी जाती है.

तीस हजारी कोर्ट के वकील पवन ने पुलिस पर करीब 150 चैंबर में तोड़फोड़ और महिला अधिवक्ताओं से बदसलूकी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस ने कोर्ट के अंदर घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ है। वहीं चैंबर में बैठी महिला अधिवक्ताओं से बदसलूकी की। हालाकि पड़ताल के दौरान बार एसोसिएशन के अंदर कई चैंबरों के दरवाजे व खिड़की के शीशे टूटे मिले। उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 

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